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गिलोय रस + तुलसी ड्रॉप्स + काढ़ा पाउडर + अमृतधारा(वायरल इन्फेक्शन किट)

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सर्दी, खांसी, जुखाम, गले में खराश, कफ, बंद नाक, बुखार, बदन दर्द, गैस, सिरदर्द आदि में बहुत जल्द प्रभावी असर दिखाता है।

उपयोग में लाने का तरीका –

स्टेप -1. सुबह नाश्ते में आप नमकीन दलिया, खिचड़ी की तरह बनाकर खा सकते हैं। नाश्ते के आधे घंटे बाद औषधीय जड़ी बूटियों से बने शक्तिशाली आयुर्वेदिक काढ़ा पियें जो शरीर को गर्मी देते हैं और कफ को पिघलाकर बाहर निकालने में सहायता करता है। और इसी काढ़े को रात को सोते समय भी लेंवे।

आधा कप गिलोय रस, 4-5 बूँद तुलसी ड्रॉप्स, और 1 चम्मच काढ़ा पाउडर, 1 गिलास पानी में डालकर गरम करें और भगोनी को ढक देंवे ताकि औषधीय भाष्प उड़े नहीं और मिश्रण के एक चौथाई रह जाने पर उसे पीने लायक हलके गुनगुने काढ़े को सिप सिप करके पीएं।

दोपहर में हरि पत्तेदार सब्जियों से बने सूप का सेवन करें|

स्टेप -2. जब भी पानी पीये हमेशा हल्का गुनगुना पानी में तुलसी ड्रॉप्स डालकर पीये

स्टेप -3. रात को खाने में बेसन का शीरा खाएं और अमृतधारा की 2-3 बूंदे नाक, गले और छाती पर लगाकर कम्बल ओढ़ कर सो जाएँ।

परहेज – चिकनाई युक्त चीजे, ज्यादा मिर्च, घी, तेल आदि

2-3 दिन में इस रूटीन को अपनाने से इन्फेक्शन पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।

जय आयुर्वेद 🙏🌿

Description

इस ठंडी के मौसम में सर्दी जुखाम और वायरल इन्फेक्शन होना काफी आम बात है । जैसे-जैसे मौसम बदलता है, हम में से कई लोगों को सामान्य सर्दी, खांसी, गले में खराश, छींकने और यहां तक ​​कि बुखार भी हो जाता है। ये छोटी-छोटी समस्याएं एक या दो सप्ताह के लिए दर्द बन जाती हैं जिससे दैनिक जीवनशैली बाधित होती है। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं है। इस पोस्ट में आयुर्वेदिक दिनचर्या साझा करने जा रहे है जो आपकी सर्दी और खांसी से संबंधित समस्याओं को बिना किसी दवा के आधे समय में ठीक कर देगा।